Posted on May 18, 2009 by Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar
चेन्नई के सफाई कामगारों की हालत देशभर के
सफाईकर्मियों का आईना है
मशहूर भारतीय फ़िल्मकार सत्यजित रे ने अपनी एक फ़िल्म अमेरिका में प्रदर्शित की तो पहले शो में ही बहुत से अमेरिकी फ़िल्म बीच में ही छोड़कर आ गये क्योंकि सत्यजीत रे ने फ़िल्म के एक सीन में भारतीय लोगों को हाथों से खाना खाते [...]
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Posted on May 17, 2009 by Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar
बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं से भी वंचित रहते हैं प्रवासी मज़दूर
हर साल करोड़ों स्त्री-पुरुष गाँवों में फसल का काम ख़त्म होते ही रोज़गार की तलाश में देश के महानगरों की ओर चल पड़ते हैं। निर्माणस्थलों, ईंटभट्ठों और पत्थर की खदानों में कमरतोड़ काम करने हुए ये रेल की पटरियों के नीचे या सड़कों के किनारे, या [...]
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Posted on May 16, 2009 by Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar
बिगुल संवाददाता
कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम भी बेहयाई से श्रम कानूनों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। वैसे तो मेट्रो रेल कारपोरेशन में श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन की ख़बरें कर्मचारियों के आन्दोलन की बदौलत सामने आने लगी हैं लेकिन बेंगलोर मेट्रो तो इसमें भी [...]
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Posted on April 30, 2009 by Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar
इलेक्शन नहीं ! इन्कलाब !
मेहनतकश भाइयो और बहनों! नौजवान साथियों!
15वीं लोकसभा का चुनाव चल रहा है! एक बार फिर हमसे चुनने को कहा जा रहा है. कोई 3 रुपया चावल देने की बात कर रहा है तो कोई 2 रूपया किलो चावल देने के दावे कर रहा है. कोई किसानों का सूद माफ़ करने की [...]
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