नींद से जागो

नींद से जागो
सूली चढ़कर शहीद भगत ने दुनिया को ललकारा है,
नींद से जागो ऐ मज़लूमों सारा देश तुम्हारा है.
जीवनभर जो वस्त्र बनाया फटी बहन की साड़ी है,
सारी उम्र जो बैठ के खाया उसकी बंगला गाड़ी है.
जो काम करे वो रोटी खाए यही हमारा नारा है.
नींद से जागो ऐ मज़लूमों सारा देश तुम्हारा है.
नदी का [...]

भगत सिंह और कांग्रेस का इतिहास

मन्मथनाथ गुप्त की पुस्तक
‘ क्रांति-युग के संस्मरण’
से साभार
जिस समय भगत सिंह तथा उसके साथी फांसीघर में बंद थे उस समय उनकी सज़ा के संबंध में गाँधीजी और वाइसराय के बीच औपचारिक बातें हुई, क्योंकि उन्हें जो फाँसी दी जाने वाली थी उससे देश में बड़ी हलचल मच रही थी| स्वयं कॉंग्रेस वाले भी इस [...]