Posted on May 18, 2009 by Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar
चेन्नई के सफाई कामगारों की हालत देशभर के
सफाईकर्मियों का आईना है
मशहूर भारतीय फ़िल्मकार सत्यजित रे ने अपनी एक फ़िल्म अमेरिका में प्रदर्शित की तो पहले शो में ही बहुत से अमेरिकी फ़िल्म बीच में ही छोड़कर आ गये क्योंकि सत्यजीत रे ने फ़िल्म के एक सीन में भारतीय लोगों को हाथों से खाना खाते [...]
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Posted on May 16, 2009 by Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar
बिगुल संवाददाता
कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम भी बेहयाई से श्रम कानूनों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। वैसे तो मेट्रो रेल कारपोरेशन में श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन की ख़बरें कर्मचारियों के आन्दोलन की बदौलत सामने आने लगी हैं लेकिन बेंगलोर मेट्रो तो इसमें भी [...]
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Posted on September 12, 2008 by नौभास
इंसाफ की रोटी जब इतनी महत्वपूर्ण है
तब दोस्तो कौन उसे पकाएगा ?
दूसरी रोटी कौन पकाता है ?
दूसरी रोटी की तरह
इंसाफ की रोटी भी
जनता के हाथों पकनी चाहिए
भरपेट, पौष्टिक रोज़-ब-रोज़ !!
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